क॰रा॰बी॰ निगम में आपका स्वागत है।

भारतीय कर्मचारी राज्य बीमा योजना एक बहुआयामी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था है जो मेहनतकश आबादी और उनके आश्रितों को इस योजना के तहत सामाजिक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। उनके तथा उनके आश्रितों के लिए पूर्ण चिकित्सा सुविधा जो बीमित व्यक्ति को पहले ही दिन से देय है के अलावा कई तरह के नकद हितलाभ के हकदार हैं जो बीमारी के कारण शारीरिक तकलीफ, स्थायी या अस्थायी अपंगता आदि के फलस्वरुप काम में अक्षमता, बीमित महिला के प्रसूति के मामले में, बीमित व्यक्तियों के आश्रितों को जो औद्योगिक दुर्घटना या रोजगार चोट या व्यवसायजन्य जोखिम के कारण जिनकी मृत्यु हो जाती है वे आश्रित हितलाभ मासिक पेंसन के हकदार हैं।

 

हितलाभ पात्रता शर्तें हितलाभ की सीमा एवं अवधि
1) बीमारी हितलाभ
क) बीमारी हितलाभ
6 महीनों की अंशदान अवधि के दौरान  78 दिन का अंशदान जमा। दो क्रमिक हितलाभ अवधि के दौरान एक वर्ष मेें अधिकतम 91 दिनों के लिए औसत मजदूरी के 70 प्रतिशत की दर से।
ख) विस्तारित बीमारी हितलाभ वहीं। महिला नसबंदी के लिए 14 दिन और पुरुष  नसबंदी के लिए 7 दिन, चिकित्सीय सलाह पर बढाने योग्य। भुगतान औसत दैनिक मजदूरी के 100 प्रतिशत की दर से।
ग) वर्धित बीमारी हितलाभ 34 निर्दिष्ट दीर्घकालिक घातक बीमारी के लिए। दो वर्ष के सतत बीमा योग्य रोजगार के साथ चार अंशदान अवधि में 156 दिनों का अंशदान। दो वर्ष के बीमा योग्य रोजगार अवधि के दौरान 124 दिन जो की  चिकित्सीय सलाह पर दो वर्ष तक बढाई जा सकती है। भुगतान औसत दैनिक मजदूरी के लगभग 80 प्रतिशत की दर से।
 

2) अपंगता  हितलाभ

क) अस्थायी

बीमा योग्य रोजगार एवं अपंगता हितलाभ में प्रवेश के दिन से रोजगार चोट के कारण अपंगता हेतु बिना किसी अंशदान के। जबतक अस्थायी अपंगता खत्म नहीं हो जाती। भुगतान अर्जन क्षमता के नुकसान के आधार पर औसत दैनिक मजदूरी के लगभग 90 प्रतिशत की दर से।
ख) स्थायी अपंगता हितलाभ वहीं। आजीवन। भुगतान अर्जन क्षमता के नुकसान के आधार पर औसत दैनिक मजदूरी के लगभग 90 प्रतिशत की दर से।
 

3)  आश्रित  हितलाभ

बीमा योग्य रोजगार एवं अपंगता हितलाभ में प्रवेश के दिन से रोजगार चोट के कारण अपंगता हेतु बिना किसी अंशदान के।  विधवा को आजीवन या पुनर्विवाह तक। आश्रित बच्चों को 25 वर्ष तक।  आश्रित माता-पिता को आजीवन। भुगतान औसत दैनिक मजदूरी के लगभग 90 प्रतिशत की दर से-निश्चित अनुपात में साझा करने योग्य।
4) मातृत्व  हितलाभ दो  पूर्ववर्ती अंशदान अवधि (एक वर्ष)के दौरान 70 दिनों के अंशदान का भुगतान। समान्य प्रसूती के मामले में 12 सप्ताह तक। गर्भपात के मामले में 6 सप्ताह तक। चिकित्सीय सलाह पर 4 सप्ताह तक बढाने योग्य। भुगतान औसत दैनिक मजदूरी के लगभग 100 प्रतिशत की दर से।
5)  चिकित्सा  हितलाभ स्वंय तथा उनके आश्रितों के लिए पूर्ण चिकित्सा सुविधा जो बीमित व्यक्ति को बीमा योग्य रोजगार में प्रवेश के पहले ही दिन से देय है। पूर्ण चिकित्सिय देखभाल जबतक बीमारी या अपंगता खत्म नहीं हो जाती। खर्च की कोइ सीमा नहीं। वैसे सेवानिवृत  बीमित व्यक्ति जोे अधिवर्षिता या वीआरएस या असामयिक सेवानिवृति से पहले कम से कम 5 वर्ष तक बीमा योग्य रोजगार में रहें हों को और अपंग बीमित व्यक्ति एवं उनके पति या पत्नि को मात्र 120 रुपये वर्षिक अंशदान   करने पर पूर्ण चिकित्सिय देखभाल।
6) अन्य हितलाभ

-प्रसूति

 

  किसी  बीमित महिला या बीमित व्यक्ति को उसकी पत्नि की प्रसूति उस स्थान पर होने के मामले में जहां  क॰रा॰बी॰ योजना के तहत आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।  अधिकतम दो प्रसूति। भुगतान 5000/- प्रति मामला।
-अंत्येष्ठि व्यय बीमा योग्य रोजगार में प्रवेश के पहले ही दिन से देय है।   बीमित व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने हेतु। भुगतान  वास्तविक खर्च या अधिकतम 10000 रुपये जो भी कम हो।
-व्यवसायिक रोजगार चोट के कारण अपंगता  के मामले में। जबतक व्यवसायिक प्रशिक्षण खत्म नहीं हो जाती। भुगतान वास्तविक शुल्क या 123/-रुपये प्रति दिन जो भी अधिक हो।
-शारीरिक रोजगार चोट के कारण अपंगता  के मामले में। जबतक व्यक्ति कृत्रिम अंग केन्द्र में भर्ती  रहता है।  भुगतान औसत दैनिक मजदूरी के 100 प्रतिशत की दर से।
-बेरोजगारी भत्ता

(राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना)

कारखाना बंद होने के कारण अनैच्छिक रोजगार की हानि, छंटनी, या  अरोजगार चोट के कारण स्थायी अपंगता की स्थिति  में उनका रोजगार हानि से पूर्व कम से कम 3 वर्ष का अंशदान। ज्ीवन में एक बार अधिकतम 12 माह।  भुगतान औसत दैनिक मजदूरी के 50 प्रतिशत की दर से।
-राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना के तहत कौशल उन्नयन वहीं। अल्पावधि के लिए-अधिकतम 6 माह।